रिपोर्ट मोहित राय जसवाल
जारी: 23/01/2023
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उत्तर भारत की पहाड़ियों और मैदानों में अभी तक भी एक सशक्त पश्चिमी विक्षोभ ने अपना असर नही दिखाया है जो कोई भी पश्चिमी प्रणाली आई वो या तो केवल पहाड़ो तक ही सीमित थी या सक्रियता में कमी बनी रही। पिछले दिनों भी जनवरी की शुरुआत तीखी ठंड से हुई जिसके पश्चात पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव हुआ और दूसरे पखवाड़े में शीतलहर की तीव्रता अधिक रही और मैदानी इलाकों में भीषण पाला देखा गया । अब एक बार फिर मौसम करवट लेने को है और मैदानी इलाकों में हवाओं ने रूख बदला है जिससे ठंड नदारद सी है जिससे मौसम में अस्थिरता काफी ज्यादा बनी हुई है।
🔸वर्तमान में एक सक्रिय रूप से मध्यम दर्जे का पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र तक आ पहुँचा है, निचले स्तर पर हवा की दिशा बदल कर मैदानी इलाकों में दक्षिण पूर्वा हो चली है और उत्तरी राजस्थान पर एक कमजोर चक्रवाती परिसंचरण के उतपन्न होने के लिए भी स्थितियां अनुकूल है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 23-26 जनवरी के दौरान प्रणाली का असर असर देखा जाएगा जबकि मैदानों में 24 जनवरी से 26 जनवरी की सवेरे तक असर रहेगा।
🔸आंतरिक विश्लेषण और घटनाएँ घटित होना:
• 23-26 जनवरी की अवधि के दौरान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों के कई हिस्सों में भारी बर्फबारी की संभावना है, कश्मीर के कई हिस्सों, लद्दाख में हल्की से भारी बर्फबारी की उम्मीद है।
राज्यों की निचली पहाड़ियों में मध्यम बारिश / गरज के साथ बौछारें और ओलावृष्टि हुई।
• 24 जनवरी की सुबह से हल्की से मध्यम बारिश / गरज के साथ तेज़ हवाएँ पंजाब, उत्तरी व पश्चिमी हरियाणा और उत्तर राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई भागों ( 50 से 75%) तो उत्तर राजस्थान, पश्चिम व मध्य हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के 25 से 50%% क्षेत्र में होने की उम्मीद है।
🔺 स्थान आधारित पूर्वानुमान:
24 जनवरी से 25 जनवरी की अवधि के दौरान: -
• पंजाब: - आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, होसियारपुर, बलाचौर, नवांशहर, जालंधर, मोगा, मनसा, बठिंडा, संगरूर, नाभा, लुधियाना, कपूरथला, रूपनगर, सासनगर , फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली और चंडीगढ़ में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। (उल्लिखित जिलों के 50 - 75% क्षेत्रों में अपेक्षित गतिविधियाँ)
♦️उपर्युक्त स्थानों में कुछ स्थानों पर तेज़ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है।
• हरियाणा और दिल्ली एनसीआर: - आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, चंडीगढ़, पंचकुला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, जींद (जैसे उपरोक्त ज़िलों के 50 से 75% क्षेत्रों में गतिविधियाँ) पर तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश तो
हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (गतिविधियाँ उल्लेखित जिलों के 25 से 50% क्षेत्रों में अपेक्षित)
♦️उपर्युक्त स्थानों में अलग-थलग पड़ने वाले स्थानों पर बिजली की गरज व चमक और वज्रपात, तेज़ बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
• उत्तरप्रदेश: - आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, राज्य के पश्चिमी भागों में तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है जिसमें सहारनपुर, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, शामली बरेली, लखनऊ, कानपुर, सीतापुर, अयोध्या, फिरोजाबाद, बुंदेलखंड क्षेत्र (उल्लिखित जिलों के 50 से 75% क्षेत्रों में अपेक्षित गतिविधियाँ) शामिल हैं।
पूर्वांचल समेत पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, अलीगढ़, गाजियाबाद और नोएडा (उल्लिखित जिलों के 25 से 50%% क्षेत्रों में अपेक्षित गतिविधियाँ)
♦️ उपर्युक्त स्थानों में अलग-थलग पड़ने वाले स्थानों पर बिजली की गड़गड़ाहट और वज्रपात, तेज़ बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि गतिविधियां देखी जा सकती हैं।
• राजस्थान: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ राजस्थान के चरम उत्तरी भागों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की उम्मीद है,
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझनू, बीकानेर, जयपुर, धौलपुर, अलवर, सीकर, भरतपुर, दौसा जिलों के 25% क्षेत्र में गतिविधियां सम्भावित।
♦ पृथक स्थान इस अवधि के दौरान ओलावृष्टि और वज्रपात देख सकते हैं।
🔺तापमान अद्यतन:
• वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के मद्देनजर, 23-26 जनवरी के दौरान हवाओं की दिशा दक्षिण पूर्वी हो जाएगी जिसके चलते उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में वर्तमान स्तर से 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है जबकि 24 जनवरी से अधिकतम तापमान के बादलवाही और बारिश के कारण 3-4℃ तक गिरने की उम्मीद है।
पश्चिमी विक्षोभ के निष्प्रभावी होते ही एक बार फिर वर्तमान मौसम विश्लेषण 28 जनवरी से एक और सशक्त मौसमी प्रणाली की ओर इशारा कर रहे है जिसकी जानकारी समय उपरांत आगामी पश्चिमी विक्षोभ के निष्प्रभवी होते ही दी जाएगी।
🔺वायु विश्लेषण: - गैर मौसमी गतिविधियों के दौरान पूर्व/ दक्षिण की ओर से 5-15 किमी / घंटा की हवा की गति के साथ हवा चलेगी जबकि गरज चमक की गतिविधियों के दौरान हवा की गति 15-35 किमी / घंटा तक बढ़ सकती है।
🔺 किसान विशेष: पिछले दिनों पड़े पाले के कारण किसान भाइयों को फसलों की हानि के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। और आगामी बारिश के दौर भी कुछ अच्छे संकेत नही दे रहा है।
इस दौर के दौरान पृथक ओलावृष्टि संभव हैं लिहाज फ़सलों को नुकसान हो सकता है और सभी किसान भाइयों को सचेत कर पर्याप्त इंतेजाम करने की सलाह दी जाती है।
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