जमींदोज हुए निर्माणाधीन पुल की लागत करीब 1700 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि यह निर्माणाधीन पुल इसके पहले भी एक बार गिर चुका था। नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव में अगर नैतिकता बची हुई है तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार ने ट्वीट कर कहा कि पुल का गिरना भ्रष्टाचार की कहानी चीख-चीख कर बयां कर रही हैं।
उन्होंने ट्वीट में लिखा, "बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार का एक और नमूना देख लीजिए। अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल एक बार फिर गिर गया है। पुल का गिरना भ्रष्टाचार की कहानी चीख-चीख कर बयां कर रही हैं। इस घटना का तुरंत संज्ञान लेते हुए चाचा- भतीजा को इस्तीफा देकर देश के सामने एक मिसाल पेश करना चाहिए।" ट्वीट में केंद्रीय मंत्री ने पुल गिरने का एक वीडियो भी शेयर किया है।
मालूम हो कि जहां पुल गिरा है, वहां बड़ी संख्या में डॉल्फिन पाए जाते हैं। यह क्षेत्र डॉल्फिन का घर कहा जाता है। ऐसे में पुल गिरने के बाद केंद्रीय मंत्री चौबे ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मौके पर जलीय जंतुओं को नुकसान होने आदि की स्थिति की जानकारी देने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश- तेजस्वी को नैतिकता दिखानी चाहिए और अपने पदों से इस्तीफा देकर देश के सामने मिसाल पेश करनी चाहिए।
बता दें कि भागलपुर में गंगा नदी पर बन रहा अगुवानी-सुल्तानगंज पुल इसके पहले पिछले साल भी गिरा था, लेकिन आरोप है कि उस दौरान भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी थी।
0 Comments