दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के धरने में राजनीति भी जमकर हुई थी। पहलवान ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था। पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस में मामला दर्ज किया था। नाबालिग महिला पहलवान की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पाक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि नाबालिग महिला पहलवान अपने बयान से पलट गई है।
'मेरे साथ कभी नहीं हुआ यौन उत्पीड़न'
सूत्रों के मुताबिक 2 जून को नाबालिग महिला पहलवान ने पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी शिकायत वापस ली है। कोर्ट में नाबालिग पहलवान के साथ पिता और दादा दोनों मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार मंगलवार को नाबालिग पहलवान ने कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत वापस लेने के लिए अपने पिता और दादा के साथ बयान दर्ज कराए थे। उसके बाद कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराकर अपनी शिकायत वापस ली।
सूत्रों की माने तो नाबालिग महिला पहलवान ने कोर्ट में कहा कि उनके साथ बृजभूषण शरण सिंह ने कभी यौन उत्पीड़न किया ही नहीं। अब सवाल उठ रहे हैं कि नाबालिग महिला पहलवान के शिकायत वापस लेने के बाद पहलवानों के प्रदर्शन का क्या होगा?
मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं: बृजभूषण
बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह खुद पर लगे आरोपों को शुरू से ही गलत बता रहे हैं। उन्होंने पहलवानों के प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया था। बृजभूषण सिंह ने खुद पर लगे आरोप पर कहा था कि वो दुनिया की हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्हें खुद पर भरोसा है, वो निर्दोष हैं। उन्होंने कहा था कि मुझे दिल्ली पुलिस की जांच पर भरोसा है। लेकिन जिस दिन दिल्ली पुलिस अपनी जांच पूरी करेगी, ये लोग उसपर भी सवाल खड़े करेंगे।
बृजभूषण ने बताया था राजनीति से प्रेरित
इससे पहले बृजभूषण शरण सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि 'मैंने पिछले 28 सालों से सांसद के रूप में सेवा की है। सत्ता और विपक्ष में रहते हुए सभी जातियों, समुदायों और धर्मों के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया है। इन्हीं कारणों से मेरे राजनीतिक विरोधियों और उनकी पार्टियों ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं।' बृजभूषण ने आरोप लगाए कि कुछ राजनीतिक दल जगह-जगह रैलियां कर प्रांतवाद, क्षेत्रवाद और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देकर सामाजिक समरसता को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं।
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